खंडवा: बुजुर्ग महिला की गुहार – “रेलवे ने सब तबाह कर दिया, अब आसमान ही सहारा”
खंडवा से एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग महिला ने हाथ जोड़कर अपनी पीड़ा जाहिर की। महिला का आरोप है कि रेलवे से जुड़े कार्यों के चलते उसका आशियाना उजड़ गया और अब उसके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।
बुजुर्ग महिला ने भावुक होकर बताया कि वह वर्षों से जिस जगह पर रह रही थी, वहां हाल ही में रेलवे की कार्रवाई के बाद उसका घर टूट गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम ने उसे पूरी तरह असहाय बना दिया है। उसने कहा कि अब उसके पास न रहने की जगह है और न ही कोई सहारा—“अब तो आसमान ही सहारा है।”
स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में रेलवे द्वारा किसी विकास या विस्तार कार्य के चलते कई लोगों को प्रभावित होना पड़ा है। हालांकि, प्रभावितों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी गई, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।
महिला की स्थिति देखकर आसपास के लोगों में भी सहानुभूति है। कई लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पीड़ितों के पुनर्वास और सहायता के लिए जल्द कदम उठाए जाएं।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि विकास कार्यों के दौरान प्रभावित लोगों के पुनर्वास और मानवीय पहलुओं का ध्यान रखना कितना जरूरी है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए उचित समाधान निकालेगा।
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