मध्य प्रदेश के खंडवा के युवाओं अथवा शिक्षक हो लगातार देश भर में खंडवा का नाम रोशन कर रहे हैं.ऐसा ही नाम रोशन करने का कार्य खंडवा की शिक्षिका श्रद्धा गुप्ता द्वारा किया गया,उन्हें इसरो के अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया गया है. दरअसल अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में मध्यप्रदेश का गौरव श्रद्धा गुप्ता द्वारा किये गए नवाचारों क़ो लेकर इसरो चैयरमैन द्वारा सम्मानित किया गया.
आपको बता दें कि भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव 2024 गुवाहाटी(असम) में मध्यप्रदेश ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है.खंडवा की शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रुस्तमपुर की शिक्षिका श्रद्धा गुप्ता को मध्यप्रदेश की एकमात्र नवाचारी शिक्षिका के रूप में प्रस्तुति के लिए चयनित किया गया। उन्होंने अपने ज्ञान और नवाचारी तकनीकों पर आधारित प्रस्तुति देकर न केवल खंडवा सहित राज्य बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया। श्रीमती गुप्ता ने शिक्षा और तकनीकी नवाचारों को जोड़ते हुए, “शिक्षा में तकनीक का एकीकरण और नवाचार की भूमिका” विषय पर अपना प्रभावशाली प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने दिखाया कि कैसे शिक्षण पद्धतियों में नवीनतम प्रौद्योगिकी का उपयोग छात्रों के लिए अधिक प्रभावी और रुचिकर बनाया जा सकता है। उनकी अद्वितीय सोच और शोध और कार्य को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नेशनल ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी शिव कुमार शर्मा ने अत्यंत सराहा। श्री सोमनाथ ने उनके विचारों को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे नवाचारी प्रयास शिक्षा और विज्ञान के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेंगे। श्रीमती गुप्ता को उनकी प्रस्तुति के लिए विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, उन्हें कॉन्फ्रेंस हॉल में इसरो अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ व्यक्तिगत चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया। इस सत्र में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी प्रगति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। श्रीमती श्रद्धा गुप्ता की इस उपलब्धि ने शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को प्रेरणा दी है। उनका यह प्रयास शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता ने न केवल भारत का गौरव बढ़ाया है, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा और विज्ञान के प्रति समर्पण और नवाचार की भावना किसी भी चुनौती को पार कर सकती है। श्रीमती श्रद्धा गुप्ता ने इस महोत्सव में अपनी उपलब्धियों के बारे में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के सामने विचार साझा किए। उनके साक्षात्कार में उन्होंने कहा:
“मेरा उद्देश्य शिक्षा में तकनीक और नवाचार को जोड़कर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। यह पुरस्कार न केवल मेरी, बल्कि मेरे विद्यालय और राज्य की उपलब्धि है। उनकी यह सफलता न केवल रुस्तमपुर और उनके विद्यालय के लिए, बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उनके नवाचारी दृष्टिकोण ने यह सिद्ध किया है कि हमारे शिक्षक और शिक्षिकाएं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। श्रीमती श्रद्धा गुप्ता ने इस अवसर पर विशेष रूप से मध्यप्रदेश सरकार,जिला शिक्षा अधिकारी महोदय, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रुस्तमपुर के प्राचार्य, उनके सहकर्मियों, और छात्रों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता टीम वर्क और निरंतर समर्थन का परिणाम है। श्रीमती श्रद्धा गुप्ता की इस उपलब्धि ने न केवल मध्यप्रदेश को गर्वित किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि हमारे शिक्षकों और शोधकर्ताओं में वैश्विक स्तर पर योगदान देने की क्षमता है। यह उपलब्धि आने वाले समय में शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी।