ACACU खंडवा: छात्रावास में छात्र की मौत से हड़कंप, परिजनों ने जताई आशंका; निष्पक्ष जांच की मांग
छैगांवमाखन। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के छैगांवमाखन स्थित जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह शासकीय सीनियर बालक छात्रावास में एक छात्र की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद छात्रावास में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्र के परिजन भी छात्रावास पहुंचे। वहीं एनएसयूआई की टीम और स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और घटना को लेकर नाराजगी जताई। परिजनों ने आशंका व्यक्त करते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि छात्र के साथ छात्रावास में किसी तरह की घटना तो नहीं हुई।
अधीक्षक और कर्मचारियों की मौजूदगी को लेकर सवाल
घटना के समय छात्रावास अधीक्षक और अन्य कर्मचारियों के मौके पर मौजूद नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में किसी तरह के निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पुलिस जुटा रही घटनाक्रम की जानकारी
पुलिस के अनुसार छात्र की मौत के वास्तविक कारण और उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान, छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्रों से पूछताछ और कर्मचारियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
एनएसयूआई ने की निष्पक्ष जांच की मांग
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष चंदन राजपूत ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना की हर पहलू से जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और परिजनों की आशंकाओं का भी समाधान हो।
फिलहाल छात्र की मौत की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। घटना के बाद परिजनों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और आदिवासी समाज में भी नाराजगी देखी जा रही है। सभी की नजर अब पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है।
नोट: छात्र की मौत के कारण को लेकर पुलिस की जांच जारी है। इसलिए किसी भी आशंका या आरोप की स्वतंत्र पुष्टि होने तक उसे तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
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