साइबर ठगी पर मध्यप्रदेश पुलिस का बड़ा कदम, अब 25 हजार से अधिक की धोखाधड़ी पर भी e-Zero FIR

खंडवा, 11 अगस्त 2026। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को त्वरित कानूनी सहायता दिलाने और ठगी गई राशि को समय रहते होल्ड यानी फ्रीज कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस ने e-Zero FIR व्यवस्था का दायरा बढ़ा दिया है। अब 25 हजार रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में भी e-Zero FIR दर्ज की जा रही है। इससे पहले यह सुविधा एक लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों तक सीमित थी।
मध्यप्रदेश में e-Zero FIR व्यवस्था की शुरुआत 25 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की थी। तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत साइबर अपराध की सूचना मिलते ही FIR की प्रक्रिया शुरू करने, डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और ठगी की रकम को अपराधियों द्वारा निकाले जाने से पहले होल्ड कराने की कार्रवाई को तेज किया जा रहा है।
प्रदेश में अब तक 4,888 e-Zero FIR दर्ज
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा e-Zero FIR व्यवस्था पर लगातार प्रभावी ढंग से काम किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप इस व्यवस्था के माध्यम से दर्ज होने वाली FIR की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। दिसंबर 2025 से अब तक खंडवा सहित प्रदेश के लगभग एक दर्जन जिलों में कुल 4,888 e-Zero FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
साइबर ठगी में शुरुआती घंटे सबसे अहम
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के बाद शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसे साइबर अपराध के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है। यदि पीड़ित घटना के तुरंत बाद 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करता है या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज करता है, तो पुलिस, बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाओं के बीच त्वरित समन्वय के जरिए ठगी की रकम को अपराधियों के खाते से निकाले जाने से पहले होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।
नई व्यवस्था लागू होने से अब 25 हजार रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में भी त्वरित कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। इससे अधिक संख्या में साइबर अपराध पीड़ितों को समय पर पुलिस सहायता और कानूनी संरक्षण मिलने की उम्मीद है।
मध्यप्रदेश पुलिस की अपील—देरी न करें, तुरंत 1930 पर करें शिकायत
मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर बिना देरी किए तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
पुलिस के अनुसार साइबर ठगी के मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण है। घटना के तुरंत बाद शिकायत मिलने पर पुलिस, बैंक और संबंधित एजेंसियों के बीच तेजी से समन्वय स्थापित किया जा सकता है, जिससे ठगी गई रकम को समय रहते होल्ड कराने और पीड़ित को राशि वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
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