कल्याण से समृद्धि की ओर: VB-G RAM G कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देगा नई दिशा

भारत में ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G) सामने आया है। यह नया कानून महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उसे एक उन्नत और अधिक व्यापक स्वरूप देने का प्रयास करता है।
जहां पहले की योजनाएं मुख्य रूप से बेरोजगारी के समय अस्थायी राहत प्रदान करने पर केंद्रित थीं, वहीं VB-G RAM G ग्रामीण रोजगार को आर्थिक विकास के एक स्थायी इंजन में बदलने का लक्ष्य रखता है। इस अधिनियम के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षा को और मजबूत किया गया है।
इस नए ढांचे की खास बात यह है कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर कार्य दिवस को उत्पादक और टिकाऊ ग्रामीण संपत्तियों के निर्माण से जोड़ता है। जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधन और जलवायु अनुकूलन जैसे चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित यह योजना गांवों की आर्थिक क्षमता को दीर्घकालिक रूप से बढ़ाने पर केंद्रित है।
इसके तहत सिंचाई परियोजनाएं, ग्रामीण बाजार, भंडारण सुविधाएं, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों का विकास किया जाएगा। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी, फसल नुकसान कम होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यम के नए अवसर पैदा होंगे।
VB-G RAM G अधिनियम की एक और महत्वपूर्ण विशेषता इसका “एकल योजना, बहु-वित्तपोषण” मॉडल है, जिसके तहत ग्राम पंचायतें विभिन्न योजनाओं को जोड़कर समग्र विकास योजना तैयार करेंगी। इससे योजनाओं में समन्वय बढ़ेगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
तकनीकी सुधारों के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत किया गया है। बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, डिजिटल डैशबोर्ड और सामाजिक लेखापरीक्षा जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार होगा।
कुल मिलाकर, VB-G RAM G अधिनियम केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक व्यापक कदम है। यह कानून कल्याण से आगे बढ़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के संरचनात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करता है।
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