खंडवा: शराब पार्टी बनी मौत की वजह, दोस्त ने ही ले ली जान
खंडवा, 10 अप्रैल 2026
पुलिस उप महानिरीक्षक /पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय द्वारा जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेंद्र तारनेकर, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री अनिल सिंह चौहान एवं थाना प्रभारी पंधाना निरीक्षक दिलीप देवड़ा के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी बोरगांव उप निरीक्षक अविनाश भोपले के नेतृत्व में चौकी बोरगांव पुलिस द्वारा सुक्ता डेम पर हुये अन्धे कत्ल का 12 घण्टे में खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार करने में बडी सफलता मिली।
दिनांक 08.03.2026 को डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सूक्ता डैम के पास रोड किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर चौकी बोरगांव पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची एवं सूचना कर्ता की रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गई।
मौके पर शव की स्थिति संदिग्ध पाए जाने एवं हत्या की आशंका होने पर थाना पंधाना में अपराध क्रमांक 150/26 धारा 103 बीएनएस के अंतर्गत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जांच के दौरान मृतक की पहचान विशाल पिता दशरथ, उम्र 37 वर्ष, निवासी आरूद थाना पंधाना के रूप में उसके परिजनों द्वारा की गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मनोज राय द्वारा दिये निर्देशानुसार बोरगाव पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला मुख्यालय से तत्काल डॉग स्काट व एफएसएल अधिकारी सहित तकनीकी विशेषज्ञ टीम को मौके पर भेजा गया जिनके द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य सहित जानकारी एकत्रित की गई। विभिन्न टीमे गठित कर घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, एवं रहवासियो से चर्चा, तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर तंत्र के आधार पर संदेही की पहचान की गई। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी सखाराम उर्फ नान्या पिता गन्जा , निवासी आरूद, मृतक का मित्र है। जो आरोपी के साथ दिखा था। जिस पर बोरगाव पुलिस की टीम द्वारा संदेही आरोपी की तलाश की गई जो घटना दिनांक से घर से फरार था। जिसे मुखबिर तन्त्र की सहायता से अभिरक्षा में लिया गया। प्रारम्भिक पूछताछ मे पुलिस को मनगढन्त कहानी सुना रहा था। सख्ती से पूछताछ में आरोपी द्वारा बताया गया कि मृतक आरोपी का मित्र था जो रोजाना उसके साथ शराब का सेवन किया करता था, शराब के नशे में मृतक की पत्नि के संबंध में गलत शब्दो का प्रयोग करता था, इसी से आक्रोशित होकर आरोपी ने मृतक को मारने की सुनियोजित योजना बनाई तथा घटना दिनांक को आरोपी द्वारा मृतक को अलग-अलग स्थानो पर शराब पिलाई किन्तु स्वयं द्वारा शराब का सेवन नहीं किया गया जब रात्रि में मृतक पूर्णतः शराब के नशे में धुत हो गया इसके उपरांत आरोपी द्वारा नियोजित योजना अनुसार मृतक को सुनसान स्थान सुक्ता डेम की ओर ले गया जहा सोची समझी साजिश के तहत आरोपी द्वारा मृतक का रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या करने के दौरान मौके पर पड़े पत्थर से उसके सिने एव सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु सुनिश्चित हो गई। तत्पश्चात आरोपी ने शव को सूक्ता डैम के पास फेंक दिया एवं मौके से अपनी मोटरसायकल से अपने घर आ गया। आरोपी के विरुध्द पूर्व में अवैध शराब के विक्रय करने का अपराध पंजीबध्द है।
पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त रस्सी एवं मोटरसाइकिल तथा घटना के दौरान आरोपी द्वारा पहने हुए कपड़ो को विधिवत जप्त किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा मात्र 12 घंटे के भीतर अंधे कत्ल का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार करना एक सराहनीय सफलता है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है।
सराहनीय भूमिका – निरीक्षक दिलीप देवड़ा थाना प्रभारी पंधाना, उप निरीक्षक अविनाश भोपले चौकी प्रभारी बोरगाव, सहायक उप निरीक्षक चन्द्र कांत महाजन, सहायक उप निरीक्षक वीरेन बिसेन, सहायक उप निरीक्षक प्रताप सिह वास्कले, प्रधान आरक्षक 382 राकेश अवासे, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र राठौर सायबर सेल, प्रधान आरक्षक विक्रम वर्मा सायबर सेल, आरक्षक 822 धर्मेन्द भावसार, आरक्षक 201 संतोष मगरे, आरक्षक 698 दीपक मोरे, महिला आरक्षक 183 मनीषा, चौकी बोरगांव की सराहनीय भूमिका रही है।
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