ट्रंप-नेतन्याहू की रणनीति में क्या पाकिस्तान बना मोहरा? ईरान पर बढ़ा दबाव, लेबनान संकट गहराया

मध्य पूर्व में एक बार फिर से तनाव बढ़ता नजर आ रहा है, जहां Donald Trump और Benjamin Netanyahu की रणनीतियों को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
सीजफायर पर विवाद क्यों?
अमेरिका और इजरायल ने साफ कर दिया है कि यह सीजफायर Lebanon पर लागू नहीं होगा। इस फैसले ने स्थिति को और जटिल बना दिया है, क्योंकि लेबनान पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है।
पाकिस्तान की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में Shehbaz Sharif और Asim Munir की सक्रियता ने नया मोड़ ला दिया है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में अहम भूमिका निभाई, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया में पाकिस्तान कहीं बड़ी शक्तियों के खेल में “मोहरा” बन गया है।
ईरान के सामने दोहरी चुनौती
Iran इस समय एक मुश्किल स्थिति में है। एक तरफ उसे अपने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, तो दूसरी तरफ उसे Lebanon में अपने सहयोगियों का भी समर्थन करना है। ऐसे में ईरान के सामने यह बड़ा सवाल है कि वह अपनी प्राथमिकता किसे बनाए।
क्या है आगे का रास्ता?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं संभली, तो यह तनाव बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है। अमेरिका और इजरायल की नीतियों के चलते ईरान पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान की भूमिका भी आने वाले दिनों में और स्पष्ट हो सकती है।
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