खंडवा :“पहले भरोसा जीता… फिर लाखों /करोड़ों की फसल लेकर फरार! खंडवा के किसानों के साथ बड़ा खेल”..4-5 साल तक ईमानदारी से लेन-देन, फिर एक रात में गायब हुआ व्यापारी… कई गांवों के किसान ठगी का शिकार!
खंडवा। जिले के पिपलौद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जलकुंआ, राजनी और आसपास के गांवों के किसानों के साथ एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। किसानों ने पुलिस अधीक्षक खंडवा को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि एक व्यापारी और उसके साथियों ने वर्षों तक विश्वास बनाकर उनकी फसल खरीदने के बाद लाखों-करोड़ों रुपए हड़प लिए और फरार हो गए।
👤 फरियादी कौन हैं?
इस मामले में मुख्य फरियादी दौलतसिंह (57 वर्ष), पिता कालूसिंह, निवासी ग्राम जलकुंआ सहित कई अन्य किसान हैं, जो खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
⚠️ आरोपी कौन हैं?
किसानों ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनमें:
शंकर (45 वर्ष), पिता नाग्या, निवासी जलकुंआ
दीपू (25 वर्ष), पिता संतोष, निवासी रांजनी
कुमारी शक्ति (18 वर्ष), पिता शंकर, निवासी जलकुंआ
काशीराम (पिता अज्ञात), निवासी भीलखेड़ी
संतोष (कोटवार), निवासी राजनी
🧾 कैसे रचा गया पूरा खेल?
किसानों के अनुसार, मुख्य आरोपी शंकर पिछले 4-5 वर्षों से गांवों के किसानों से गेहूं, चना, कपास जैसी फसल खरीदता था और समय पर भुगतान कर उनका विश्वास जीत चुका था।
धीरे-धीरे उसने किसानों के साथ मजबूत लेन-देन का रिश्ता बना लिया। इस दौरान:
दीपू फसल को वाहनों में लोड कर परिवहन में मदद करता था.
कुमारी शक्ति (शंकर की बेटी) भी इस काम में सहयोग करती थी
काशीराम (मामा) के सहयोग से फसल को भीलखेड़ी स्थित गोदाम में जमा किया जाता था
संतोष (कोटवार) को पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया गया है
इस तरह सभी आरोपियों ने मिलकर एक संगठित तरीके से किसानों का विश्वास जीतकर जाल बिछाया।
🚨 घटना की रात क्या हुआ?
आरोप है कि 3 अप्रैल 2026 की रात, मुख्य आरोपी शंकर अपनी मारुति वेगेनार और बोलेरो पिकअप (MP12ZG0416) में फसल का माल लेकर अचानक फरार हो गया।
इसके बाद जब किसानों ने संपर्क करने की कोशिश की, तो बाकी आरोपियों ने कोई जानकारी नहीं दी और उल्टा उसे बचाने की कोशिश करते रहे।
💸 कितना हुआ नुकसान?
किसानों का कहना है कि उनकी पूरे साल की मेहनत की फसल की कमाई आरोपियों द्वारा हड़प ली गई है।
हालांकि कुल राशि का स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन यह नुकसान लाखों से लेकर करोड़ों रुपए तक होने की आशंका जताई जा रही है।
😔 किसानों की हालत
इस घटना के बाद किसान गहरे संकट में हैं।
परिवार का खर्च
बच्चों की पढ़ाई
बुजुर्गों का इलाज
खेती में लिया गया उधार
सब कुछ फसल की राशि पर निर्भर था, जो अब उनके हाथ से निकल चुकी है। किसान मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान हैं।
📢 पुलिस अधीक्षक से क्या मांग?
किसानों ने पुलिस अधीक्षक खंडवा से मांग की है कि:
पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए
सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और विश्वासघात का प्रकरण दर्ज किया जाए
किसानों की पूरी फसल की राशि वापस दिलाई जाए
किसानों ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले पिपलौद थाने में भी की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर अब उच्च स्तर पर गुहार लगाई गई है.
⚠️ किसानों के लिए जरूरी अपील
यह मामला एक बड़ी सीख भी देता है।
किसानों से अपील है कि किसी भी व्यापारी पर आंख बंद कर भरोसा न करें, लेन-देन हमेशा लिखित और सुरक्षित तरीके से करें, और बड़ी मात्रा में फसल देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।
यह घटना दिखाती है कि कैसे कुछ लोग पहले भरोसा जीतते हैं… और फिर उसी भरोसे का फायदा उठाकर किसानों की जिंदगी भर की कमाई पर हाथ साफ कर देते हैं।
Read Next









