काम लोहे का, हाथ में थमा दी बंदूक: रामपुर के शावेज की Russia में मौत, परिवार का गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के रामपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां बेहतर रोजगार की तलाश में विदेश गया एक युवक अब अपने घर वापस नहीं लौट सका। शावेज नाम का यह युवक Russia गया था, लेकिन उसकी जिंदगी एक ऐसे मोड़ पर खत्म हो गई, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
रोजगार की तलाश में गया था विदेश
परिवार के अनुसार, शावेज एक साधारण परिवार से था और लोहे का काम करता था। वह वेल्डिंग और अन्य तकनीकी काम में माहिर था। बेरोजगारी से परेशान होकर उसने विदेश जाने का फैसला लिया, ताकि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सके।
परिवार का आरोप: जबरन युद्ध में भेजा गया
शावेज के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे जिस काम के लिए Russia भेजा गया था, वह काम उसे करने ही नहीं दिया गया। बल्कि, उसे जबरन युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया और उसके हाथ में औजारों की जगह बंदूक थमा दी गई।
परिवार का कहना है कि शावेज को युद्ध की कोई ट्रेनिंग नहीं थी और न ही वह इसके लिए तैयार था, फिर भी उसे खतरनाक हालात में झोंक दिया गया।
घर में पसरा मातम
जैसे ही शावेज की मौत की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं और सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विदेश में नौकरी का सपना बना खतरा
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि विदेश में नौकरी के नाम पर कई बार युवाओं को गलत जानकारी देकर जोखिम भरे हालात में भेज दिया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश जाने से पहले पूरी जानकारी और सही चैनल का चयन बेहद जरूरी है।
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