MP में ग्रामीण पर्यटन का कमाल: 346 होम-स्टे से ₹6.76 करोड़ की कमाई, गांवों में बढ़ी समृद्धि

भोपाल: मध्यप्रदेश में ग्रामीण पर्यटन तेजी से नई पहचान बना रहा है। राज्य के गांव अब सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहे, बल्कि पर्यटन के जरिए आय और रोजगार का बड़ा स्रोत बनते जा रहे हैं। प्रदेश में वर्तमान में 98 चयनित गांवों में 346 होम-स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनसे अब तक करीब ₹6.76 करोड़ की आय दर्ज की गई है।
सरकार द्वारा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल ने गांवों की तस्वीर बदल दी है। खासतौर पर जनजातीय और प्राकृतिक क्षेत्रों में होम-स्टे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। आने वाले समय में 642 नए होम-स्टे भी तैयार हो जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र और मजबूत होगा।
पर्यटकों को मिल रहा असली ग्रामीण अनुभव
अब तक करीब 34 हजार देशी-विदेशी पर्यटक इन होम-स्टे में ठहरकर गांव के जीवन को करीब से देख चुके हैं। यहां उन्हें पारंपरिक भोजन, लोक नृत्य-संगीत, हस्तशिल्प और प्राकृतिक वातावरण का अनोखा अनुभव मिलता है।
ज्वार-बाजरे की रोटियां, कोदो-कुटकी की खीर, भटे का भरता और देसी व्यंजन पर्यटकों को खास आकर्षित कर रहे हैं।
गांवों में रोजगार और आत्मनिर्भरता
इस योजना से ग्रामीण परिवारों को घर बैठे आय का साधन मिला है। कई गांवों में एक ही स्थान पर कई होम-स्टे खुल चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
बैतूल जिले के “बाचा” गांव का उदाहरण सामने है, जहां एक-दो होम-स्टे से शुरुआत होकर अब 8 से अधिक होम-स्टे संचालित हो रहे हैं।
मॉडल पर्यटन गांव बन रहे उदाहरण
सीहोर जिले का खारी गांव अब एक मॉडल पर्यटन ग्राम के रूप में उभरकर सामने आया है। यहां देश-विदेश के प्रतिनिधि ग्रामीण पर्यटन मॉडल का अध्ययन करने आ चुके हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ रही पहुंच
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा ग्रामीणों को प्रशिक्षण देकर उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। अब होम-स्टे की बुकिंग ऑनलाइन माध्यमों जैसे ट्रैवल वेबसाइट्स के जरिए भी हो रही है, जिससे पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
संस्कृति के साथ कमाई का नया रास्ता
यह योजना न सिर्फ आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रही है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित कर रही है। बुंदेलखंड, मालवा, निमाड़, महाकौशल और चंबल जैसे क्षेत्रों की परंपराएं अब देश-दुनिया तक पहुंच रही हैं।
ग्रामीण पर्यटन की यह पहल आने वाले समय में मध्यप्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
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