राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द

भोपाल: मध्यप्रदेश में जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमजोर होती नजर आ रही है। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
दिल्ली की एक अदालत द्वारा राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी विधायकी रद्द कर दी। इसके चलते वे अब राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे, जिससे कांग्रेस का गणित और बिगड़ गया है।
इससे पहले भी कांग्रेस को झटका लग चुका है। श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट ने राहत तो दी, लेकिन शर्तों के साथ। अदालत ने उन्हें सदस्यता बनाए रखने की अनुमति दी, लेकिन राज्यसभा चुनाव में वोट डालने से रोक दिया।
वहीं, बीना की विधायक निर्मला सप्रे का रुख भी कांग्रेस के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वे लंबे समय से भाजपा के कार्यक्रमों में नजर आ रही हैं, हालांकि उन्होंने पार्टी बदलने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इस मामले को लेकर विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने उनकी सदस्यता को चुनौती देते हुए अदालत का रुख किया है।
राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के फैसले को लेकर भी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। देर रात विधानसभा सचिवालय खुलने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई दबाव में की गई है।
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने इसे “राजनीतिक दुर्भावना” करार देते हुए कहा कि भाजपा राज्यसभा चुनाव से पहले विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
क्या कहता है विधानसभा का गणित?
230 सदस्यीय मध्यप्रदेश विधानसभा में वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
भाजपा: 164 विधायक
कांग्रेस: 64 विधायक
अन्य: 1
एक सीट रिक्त
संख्या बल को देखते हुए राज्यसभा की तीन में से दो सीटें भाजपा के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं, कांग्रेस के लिए अब तीसरी सीट जीतना और भी मुश्किल होता दिख रहा है।
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