खंडवा: सूरजकुंड में रेलवे के नोटिस पर भड़के रहवासी, कलेक्ट्रेट में हंगामा, घर बचाने की लगाई गुहार
खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के सूरजकुंड क्षेत्र में रेलवे द्वारा मकान हटाने के लिए दिए गए नोटिस के बाद अब मामला फिर गर्मा गया है। दो महीने की मोहलत पूरी होते ही रेलवे अधिकारियों की सक्रियता बढ़ी तो अपने घर टूटने के डर से रहवासी सड़कों पर उतर आए।
बुधवार को सूरजकुंड क्षेत्र के बड़ी संख्या में रहवासी कांग्रेस नेता दीपक राठौड़ उर्फ मुल्लू राठौर के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी और अपने घर बचाने की गुहार लगाई।
पहले मिल चुका था समय, अब बढ़ी चिंता
बताया जा रहा है कि रेलवे अपने प्रोजेक्ट के तहत सूरजकुंड क्षेत्र की जमीन खाली कराना चाहता है, जिसके चलते यहां रहने वाले लोगों को पहले ही मकान तोड़ने के नोटिस दिए जा चुके थे।
इसका विरोध करते हुए पूर्व में कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के साथ रहवासी जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, जहां प्रशासन द्वारा उन्हें दो महीने का समय दिया गया था।
अब यह समय पूरा होने के बाद एक बार फिर रेलवे की कार्रवाई की आशंका से लोगों में डर और आक्रोश बढ़ गया है।
कलेक्ट्रेट में हंगामा, महिलाओं ने जताया आक्रोश
बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे रहवासियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। खासकर महिलाओं ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और अचानक घर तोड़ने की कार्रवाई से उनका भविष्य संकट में पड़ जाएगा।
रहवासियों ने खंडवा कलेक्टर से मांग की कि
उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था दी जाए
मकान तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए
गरीब परिवारों के साथ न्याय किया जाए
प्रशासन पर दबाव, आगे की कार्रवाई पर नजर
इस पूरे मामले में अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। रहवासियों की मांग है कि बिना पुनर्वास के उन्हें बेघर न किया जाए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है, लेकिन आने वाले दिनों में रेलवे की कार्रवाई और प्रशासनिक रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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