खंडवा में नकली किताबों पर सख्ती: कलेक्टर का प्रतिबंधात्मक आदेश, दोषियों पर FIR और जेल तक की कार्रवाई

खंडवा, 23 मार्च 2026। जिले में पाठ्यपुस्तक निगम की पुस्तकों से मिलती-जुलती नकली किताबों के प्रकाशन और बिक्री पर अब सख्त कार्रवाई होगी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ऋषव गुप्ता ने इस संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी पी.एस. सोलंकी ने बताया कि मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को कक्षा 1 से 12 तक की निर्धारित पुस्तकों के मुद्रण और वितरण का एकाधिकार प्राप्त है। इसके बावजूद यदि कोई विक्रेता या संस्था इन पुस्तकों की नकली या मिलती-जुलती प्रतियां बेचता है, तो उसके खिलाफ कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 63 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर 6 माह से 3 वर्ष तक की सजा और 50 हजार से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
पूरे जिले में लागू आदेश
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत खंडवा जिले के सम्पूर्ण क्षेत्र में प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों में सिर्फ अधिकृत किताबें ही मान्य
शासकीय स्कूलों, मदरसा बोर्ड और संस्कृत बोर्ड से पंजीकृत संस्थानों में केवल शासन द्वारा अनुमोदित पाठ्यपुस्तकें ही पढ़ाई जाएंगी।
राज्य सरकार द्वारा कक्षा 1 से 12 तक के पात्र छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
वितरण की व्यवस्था
कक्षा 1 से 8 की किताबें: BRC (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) को
कक्षा 9 से 12 की किताबें: BEO (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) को
→ इनके माध्यम से सभी शासकीय स्कूलों में वितरण सुनिश्चित किया जाता है
स्पष्ट चेतावनी
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कोई भी पुस्तक विक्रेता, संस्था या व्यक्ति यदि नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है।
(न्यूज एंगल: शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और नकली किताबों के कारोबार पर प्रशासन का सख्त एक्शन)
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