नन्हे रोज़ेदार: हमज़ा मंसूरी और ऐमान फातिमा ने रखा पहला रोज़ा, बना मिसाल
खंडवा। पवित्र रमजान माह में जहां बड़े-बुजुर्ग इबादत में लीन हैं, वहीं शहर के नन्हे बच्चों ने भी अपनी आस्था और समर्पण से सभी का दिल जीत लिया। हमज़ा मंसूरी और ऐमान फातिमा ने अपना पहला रोज़ा रखकर समाज में एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।
कम उम्र में रोज़ा रखना आसान नहीं होता, लेकिन दोनों बच्चों ने पूरे उत्साह और धैर्य के साथ यह महत्वपूर्ण कदम उठाया। परिवार के सदस्यों ने भी उनका हौसला बढ़ाया और उनके इस जज़्बे की सराहना की।
परिजनों के अनुसार, दोनों बच्चों ने सुबह से लेकर शाम तक पूरे नियमों का पालन करते हुए रोज़ा रखा और इफ्तार के समय उनकी खुशी देखने लायक थी। इस मौके पर परिवार और आसपास के लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और संस्कारों को आगे बढ़ाने के लिए कितनी सजग है।
Read Next
क्राइम 







