खंडवा में फिर भड़की आग, खेड़ी गांव में 100 एकड़ से ज्यादा फसल जली; ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया
खंडवा। जिले में खेतों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला खंडवा जिले की खालवा तहसील के ग्राम खेड़ी से सामने आया है, जहां आग लगने से किसानों की बड़ी मात्रा में फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक यह हादसा बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम खेड़ी में किसानों हरिभजन, मोहन, रामलाल और महेंद्र सहित कई किसानों के खेतों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और करीब 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसल जलकर नष्ट हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के पास से गुजर रही बिजली लाइन में तकनीकी खराबी या स्पार्किंग के कारण आग लगी, जिसके बाद तेज हवा के चलते आग ने बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
जिले में लगातार बढ़ रही आग की घटनाएं
पिछले कुछ दिनों से खंडवा जिले के अलग-अलग इलाकों में खेतों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई जगहों पर बिजली लाइन से स्पार्किंग या अन्य कारणों से गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान होने की जानकारी मिली है। गर्मी और सूखी फसल के कारण आग तेजी से फैल जाती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद भी बिजली लाइनों की सही तरीके से देखरेख नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने और बिजली व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।
ऐसी स्थिति में किसान क्या करें
विशेषज्ञों के अनुसार खेतों में आग लगने की स्थिति में कुछ सावधानियां नुकसान को कम कर सकती हैं—
खेतों के आसपास फायर लाइन (खाली पट्टी) बनाकर रखें, ताकि आग फैलने से रोकी जा सके।
बिजली तारों के नीचे सूखी घास या फसल का ढेर न लगाएं।
आग लगने पर तुरंत फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
ग्रामीण मिलकर पानी, मिट्टी या हरे पौधों से आग पर काबू पाने की कोशिश करें।
खेतों के पास पानी का टैंकर या मोटर पंप जैसी व्यवस्था रखें, ताकि शुरुआती समय में आग बुझाई जा सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों की जांच कराई जाए और किसानों को हुए नुकसान का जल्द सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए।
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