खंडवा: प्लॉट नामांतरण के लिए रिश्वत मांगने वाले पटवारी को 3 साल का सश्रम कारावास
खंडवा, भ्रष्टाचार के एक मामले में खंडवा स्थित विशेष न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए रिश्वत लेने वाले पटवारी को दोषी करार दिया है।
विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय खंडवा ने छैगांवमाखन हल्का नंबर 34 के पटवारी दिनेश जगताप को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7(क) के तहत दोषी पाते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 15,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार, यह मामला वर्ष 2019 का है। फरियादी सादिक शेख, निवासी इंदिरा आवास कॉलोनी, छैगांवमाखन, ने अपनी पत्नी आयशा शेख के नाम खरीदे गए 450 वर्गफीट के प्लॉट के नामांतरण के लिए संबंधित पटवारी से संपर्क किया था।
आरोप है कि पटवारी दिनेश जगताप ने नामांतरण के बदले 3,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। फरियादी पर दबाव बनाते हुए आरोपी ने पहले 1500 रुपये और बाद में 1000 रुपये, कुल 2500 रुपये वसूल लिए, जबकि शेष 500 रुपये के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
रिश्वत की मांग से परेशान होकर फरियादी ने लोकायुक्त पुलिस, इंदौर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर निरीक्षक आशा सेजकर के नेतृत्व में टीम गठित की गई, जिसमें छायासाक्षी के रूप में आरक्षक सतीश यादव शामिल रहे।
लोकायुक्त टीम द्वारा फरियादी को वॉइस रिकॉर्डर उपलब्ध कराया गया, जिसमें आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने और पूर्व में राशि लेने की बातचीत रिकॉर्ड की गई। जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले में अभियोजन की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन विनोद कुमार पटेल ने पैरवी की, जबकि प्रकरण की जानकारी मीडिया सेल प्रभारी मो. जाहिद खान (एडीपीओ) द्वारा दी गई।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है और शासकीय कार्यों में पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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